Royal Oak Pocket Watch: Audemars Piguet और Swatch की कोलैबोरेशन ने दुनियाभर में क्यों मचाई भगदड़?
Royal Oak Pocket Watch लॉन्च के बाद Swatch स्टोर्स के बाहर लगी कतारें, वेबसाइट ट्रैफिक 10 गुना बढ़ा, रीसेल प्राइस 3 गुना उछला। जानिए लग्जरी ब्रांड की मास-मार्केट कोलैबोरेशन स्ट्रैटजी और भारतीय युवाओं की प्रतिक्रिया।

Royal Oak Pocket Watch ने बनाया दुनियाभर में तहलका
Royal Oak Pocket Watch की लॉन्चिंग वाली सुबह, दुनियाभर के Swatch स्टोर्स के बाहर सुबह-सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। मई के मध्य में यह नज़ारा सिर्फ किसी एक शहर तक सीमित नहीं था। लंदन, पेरिस, टोक्यो, न्यूयॉर्क — दुनिया के 220 स्टोर्स के बाहर एक जैसा मंज़र था, और करीब 20 स्टोर्स को तो सेफ्टी के कारण अपनी शटर्स बंद करनी पड़ीं। स्विस लग्जरी वॉच ब्रांड Audemars Piguet और मास-मार्केट वॉच ब्रांड Swatch की इस पॉकेट वॉच कोलैबोरेशन ने ऐसी सनसनी मचाई जो कोई भूले नहीं भूलेगी।
एक छोटी सी घड़ी ने आखिर ऐसा क्या तहलका मचाया? सिर्फ "सस्ता लग्जरी" का फॉर्मूला काफी नहीं है इसे समझाने के लिए। 2022 में दोनों ब्रांड्स की MoonSwatch कोलैबोरेशन भी हिट रही थी, लेकिन इस बार का क्रेज़ उससे भी ज्यादा था। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉन्चिंग के दिन Audemars Piguet की वेबसाइट पर विजिटर्स की संख्या पूरे साल के औसत से 10 गुना बढ़ गई। Audemars Piguet जैसा ब्रांड जिसकी पहचान ही एक्सक्लूसिविटी से है, उसका Swatch जैसे मास-मार्केट ब्रांड के साथ हाथ मिलाना — यह वॉच इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ।
Audemars Piguet और Swatch कोलैबोरेशन क्यों करनी पड़ी ज़रूरी?
Audemars Piguet ने पिछले साल सिर्फ 50,000 वॉचेज़ बेचीं। उनकी अतिरिक्त प्रोडक्शन कैपेसिटी भी महज़ 20,000 पीसेज़ की है। दूसरी तरफ, Swatch हर साल करीब 4.4 मिलियन वॉचेज़ बनाती है। इतने बड़े अंतर वाले दो ब्रांड्स ने कोलैबोरेशन की राह क्यों चुनी? इसके पीछे "वॉच इंडस्ट्री को बचाए रखने" की चिंता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, Audemars Piguet के CEO ने कहा था कि "अब लोग सिर्फ टाइम देखने के लिए घड़ी नहीं खरीदते।" स्मार्टफोन के ज़माने में मैकेनिकल वॉच अब टेस्ट, आइडेंटिटी और कल्चरल स्टेटमेंट का ज़रिया बन गई हैं।
यह Swatch कोलैबोरेशन युवा कंज्यूमर्स और नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने की स्ट्रैटजी है। Royal Oak Pocket Watch की कीमत Lépine मॉडल के लिए 385 यूरो (करीब ₹35,000) और Savonnette मॉडल के लिए 400 यूरो (करीब ₹36,500) रखी गई थी। Audemars Piguet का ओरिजिनल Royal Oak करोड़ों में आता है, तो यह एंट्री बैरियर काफी कम हो गया। लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद ऑनलाइन रीसेल मार्केट में यह वॉच औसतन 1,440 यूरो (करीब ₹1.3 लाख) में बिकी, और ज्यादातर ट्रांजैक्शन ₹1 लाख से ₹1.7 लाख के बीच हुए। ओरिजिनल प्राइस से 3-4 गुना प्रीमियम!
Frequently Asked Questions
- Royal Oak Pocket Watch कहां से खरीद सकते हैं?
- Royal Oak Pocket Watch सिर्फ दुनियाभर के Swatch ऑफलाइन स्टोर्स में उपलब्ध है। ऑनलाइन सेल नहीं है। भारत में आप प्रमुख शहरों के Swatch स्टोर्स से खरीद सकते हैं, लेकिन लॉन्चिंग के दौरान भीड़ के कारण कुछ स्टोर्स को सेफ्टी कारणों से बंद करना पड़ा था, इसलिए जाने से पहले स्टोर की उपलब्धता चेक कर लें।
- Royal Oak Pocket Watch की कीमत क्या है?
- Royal Oak Pocket Watch की ऑफिशियल प्राइस Lépine मॉडल के लिए 385 यूरो (करीब ₹35,000) और Savonnette मॉडल के लिए 400 यूरो (करीब ₹36,500) है। लेकिन लॉन्च के बाद रीसेल मार्केट में यह औसतन ₹1.3 लाख में बिकी, और ज्यादातर ट्रांजैक्शन ₹1 लाख से ₹1.7 लाख के बीच हुए।
- Audemars Piguet और Swatch की कोलैबोरेशन पहली बार है क्या?
- नहीं। दोनों ब्रांड्स ने 2022 में 'MoonSwatch' कोलैबोरेशन की थी जो काफी पॉपुलर हुई। Omega की Speedmaster को री-इंटरप्रेट करते हुए बनाया गया वह प्रोडक्ट भी दुनियाभर में हिट रहा था। Royal Oak Pocket Watch उनकी दूसरी कोलैबोरेशन है जो Audemars Piguet के आइकॉनिक Royal Oak मॉडल पर बेस्ड है।
- Royal Oak खरीदने के बाद रीसेल करना लीगल है?
- पर्सनल सेकंड-हैंड ट्रेडिंग लीगल है। लेकिन बल्क में खरीदकर प्रोफेशनली रीसेल करना कुछ देशों के कानून के तहत रेगुलेट किया जा सकता है। भारत में अभी वॉच रीसेलिंग पर कोई स्पष्ट रेगुलेशन नहीं है, लेकिन ब्रांड्स ने ओवर-बाइंग से बचने की अपील की है।

